लौंग का प्रयोग ::-
- लौंग कफ-पित्त नाशक होती है।
- प्यास लगने और जी मचलने पर लौंग का सेवन लाभकारी होता है।
- पाचन क्रिया पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
- लौंग भूख बढ़ाती है, इससे पाचक रसों का स्त्राव बढ़ता है।
- पेट के कृमि इसके प्रयोग से नष्ट हो जाते हैं।
- इसकी मात्रा एक से पाँच लौंग तक ही उचित है।
- इसे पीसकर मिश्री की चाशनी या शहद के साथ लेना अधिक लाभप्रद होता है।
- लौंग श्वेत रक्त कणों को बढ़ाती है तथा जीवन शक्ति के लिए जिम्मेदार कोषों का पोषण करती है।
- यह एंटीबायोटिक है। अत: दमा रोग में अत्यंत लाभकारी है।
- त्वचा के किसी भी प्रकार के रोग में इसका चंदन बूरा के साथ मिलाकर लेप लगाने से फायदा मिलता है।
- कुछ लौंग को अक मिट्ठे apple सेव में चुभा कर उस सेव को २-3 दिन रख दे , उसमे से लौंग निकाल कर सुखा कर रखे , और रोजाना १ लौंग चबाकर उपर से दूध पिने से ताकत आती है |
