लौंग

लौंग का प्रयोग ::- -----------------जिसमें से तेल ना निकाला गया हो वो ही लौंग उपयोगी होती है | लौंग कफ-पित्त नाशक होती है। प्यास... thumbnail 1 summary

लौंग का प्रयोग ::-
-----------------जिसमें से तेल ना निकाला गया हो वो ही लौंग उपयोगी होती है |
  • लौंग कफ-पित्त नाशक होती है।

  • प्यास लगने और जी ‍मचलने पर लौंग का सेवन लाभकारी होता है।

  • पाचन क्रिया पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।

  • लौंग भूख बढ़ाती है, इससे पाचक रसों का स्त्राव बढ़ता है।

  • पेट के कृमि इसके प्रयोग से नष्ट हो जाते हैं।

  • इसकी मात्रा एक से पाँच लौंग तक ही उचित है।

  • इसे पीसकर मिश्री की चाशनी या शहद के साथ लेना अधिक लाभप्रद होता है।

  • लौंग श्वेत रक्त कणों को बढ़ाती है तथा जीवन शक्ति के लिए जिम्मेदार कोषों का पोषण करती है।

  • यह एंटीबायोटिक है। अत: दमा रोग में अत्यंत लाभकारी है।

  • त्वचा के किसी भी प्रकार के रोग में इसका चंदन बूरा के साथ मिलाकर लेप लगाने से फायदा मिलता है। 

  • कुछ लौंग को अक मिट्ठे apple सेव में चुभा कर उस सेव को २-3 दिन रख दे , उसमे से लौंग निकाल कर सुखा कर रखे , और रोजाना १ लौंग चबाकर उपर से दूध पिने से ताकत आती है |