त्रिफला चूर्ण

त्रिफला चूर्ण .::: कब किसके साथ खाए !!.. ************* *************** ************* हरड 100 ग्राम, बहेडा 200 ग्राम और आंवला 400 ग्... thumbnail 1 summary

त्रिफला चूर्ण .::: कब किसके साथ खाए !!..
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हरड 100 ग्राम, बहेडा 200 ग्राम और आंवला 400 ग्राम को अलग-अलग पिसकर चूर्ण बनावें व इसे मिक्स करके मैदा छानने की चल्नी से तीन बार छान कर तैयार करे |
त्रिफला चूर्ण में मिलाकर सुबह सामान्य फ्रेश होने के बाद खाली पेट 20 से 40 वर्ष की उम्र में चाय का एक चम्मच, (लगभग 5 ग्राम) व इससे अधिक उम्र में 1+ 1/2 चम्मच मात्रा में यह चूर्ण आधा कटोरी पानी में उपरोक्त अनुपान द्रव्य के साथ मिलाकर पी लेना चाहिये व इसके एक घंटे बाद तक चाय-दूध नहीं लेना चाहिये । 
कब किसके साथ लेवे ---
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  • 14 जनवरी से 13 मार्च तक (शिशिर ऋतु) में लेंडी पीपल का चूर्ण मात्रा का आठवां हिस्सा.
  • 14 मार्च से 13 मई तक (वसन्त ऋतु) में शहद चटनी जैसा मिश्रण उत्तम
  • 14 मई से 13 जुलाई तक (ग्रीष्म ऋतु) में गुड चौथा हिस्सा
  • 14 जुलाई से 13 सितंबर ( वर्षा ऋतु ) में सेंधा नमक छठा हिस्सा
  • 14 सितंबर से 13 नवंबर (शरद ऋतु) में देशी खांड/शक्कर बुरा छठा हिस्सा
  • 14 नवंबर से 13 जनवरी (हेमन्त ऋतु) में सौंठ का चूर्ण छठा हिस्सा
इस प्रकार मिश्रण को रात्रि में कटोरी में घोलकर रख दें व सुबह 5 से 7 बजे तक सेवन करलें । यदि कोई भी व्यक्ति इस तरीके से इस चूर्ण का लगातार 12 वर्ष तक सेवन कर सके तो माना जाता है कि- *****
  • एक वर्ष तक लगातार सेवन करने से सुस्ती गायब हो जाती है । 
  • दो वर्ष तक सेवन करने से शरीर के सब रोग दूर हो जाते हैं । 
  • तीन वर्ष तक सेवन करने से नेत्र-ज्योति बढती है । 
  • चार वर्ष तक सेवन करने से चेहरे पर अपूर्व सौंदर्य छा जाता है । 
  • पांच वर्ष तक सेवन करने से बुद्धि का जबर्दस्त विकास होता है । 
  • छः वर्ष तक सेवन करने से शरीर बल में पर्याप्त वृद्धि होती है । 
  • सात वर्ष तक सेवन करने से सफेद बाल फिर से काले हो जाते हैं । 
  • आठ वर्ष तक सेवन करने से वृद्ध व्यक्ति पुनः युवा हो जाता है । 
  • नौ वर्ष तक सेवन करने से दिन में भी तारे स्पष्ट दिखने लगते हैं । 
  • दस वर्ष तक सेवन करने से कण्ठ में सरस्वती का वास हो जाता है । 
  • ग्यारह वर्ष तक सेवन करने से वचन सिद्धि प्राप्त हो जाती है अर्थात व्यक्ति जो भी कहे उसकी बात खाली नहीं जाती बल्कि सत्य सिद्ध होती है ।
नोट :-यह त्रिफला चूर्ण चार महिने के बाद प्रभावहीन हो जाता है और इसमें गुठिलयां सी बनने लगती हैं अतः पूर्ण लाभ प्राप्ति के लिये बाजार से तैयार त्रिफला चूर्ण खरीदने की बजाय इसे सीमित मात्रा में घर पर ही मिक्सर में पीसकर तैयार करें|