" पाइनापल " (अनन्नास ) का उपयोग ::-
इसमें कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन सी होता है|
१. हड्डियों की मजबूती के लिए - अगर आप घुटने कर बैठती हैं और आपको चटकने की आवाज सुनाई देती है, इसका मतलब है कि आपके शरीर में आयरन की कमी है. इस कमी को भी अनन्नास दूर करता है|
२.पथरी में-अनन्नास के रस में जीरा, पीपल, काला नमक तथा जायफल का समभाग चूर्ण मिलाकर सुबह शाम पीने से पेशाब के अधिक आने की शिकायत दूर होती है. नित्य अनन्नास का रस पीने से गर्मी के कारण बेचैनी दूर होती है तथा पथरी की शिकायत दूर होती है.पेशाब में जलन होना, पेशाब कम होना, दुर्गन्ध आना, पेशाब में दर्द तथा मूत्रकृच्छ (रूक-रूककर पेशाब आना) में 1 गिलास अनानास का रस, एक चम्मच मिश्री डालकर भोजन से पूर्व लेने से पेशाब खुलकर आता है और पेशाबसंबंधी अन्य समस्याएँ दूर होती हैं|
३. ब्लड शुगर में -अनन्नास विटामिन बी 1 का भी अच्छा स्त्रोत है जो कि शरीर मे ब्लड शूगर को उर्जा मे बदलने मे है. अनन्नास पाचन प्रणाली मे आई गड़बड़ी को ठीक कर देता है और कब्ज को भी दूर भगा देता है. अनन्नास किडनी की शक्ति को बढाता है और आंतो के विकारों मे भी लाभ पहुंचाता है.
४.अनन्नास के जूस का उपयोग आंतो के कीड़ो को दूर भगाने के लिए भी किया जाता है. अनन्नास खून के थक्को को भी बनने से रोकता है.अनन्नास का जूस गले के इन्फेक्शन और शरीर के बाकि अंगो मे इन्फेक्शन को रोकता है.अनन्नास का जूस हाई ब्लड प्रेशर और जोड़ो के दर्द मे भी लाभ पहुंचाता है|
५.अनन्नास के गूदे को महीन पीसकर मस्सों पर बांधने से बवासीर में लाभ होता है. |
६.अनन्नास के गूदे को महीन पीसकर आंखों पर बांधने से सूजन दूर होती है.|
७. भूख बढाता है |
