प्रोस्टेट Enlargement

प्रोस्टेट Enlargement  1) Prostatitis एक नैदानिक शब्द है जो की बक्ट्रेरिया के संक्रमण से लेकर पुराने दर्द के सिंड्रोम (chronic pain... thumbnail 1 summary
प्रोस्टेट Enlargement 


1) Prostatitis एक नैदानिक शब्द है जो की बक्ट्रेरिया के संक्रमण से लेकर पुराने दर्द के सिंड्रोम (chronic pain syndrome) तक के विकारों का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है| यह संक्रामक नहीं है (आम तौर पर यौन संपर्क से नहीं फैलता):



तीव्र बैक्टीरियल Prostatitis सबसे कम पाया जाता है लेकिन निदान और इलाज के लिए सबसे आसान है| यह जीवाणु के कारण होता है और ठण्ड तथा बुखार, पीठ के निचले हिस्से तथा जननांग में दर्द, तथा जलन अथवा दर्द्निया पेशाब के साथ अचानक आता है|
पुराना (Nonbacterial) Prostatitis (chronic pelvic pain syndrome) सबसे आम है, परन्तु prostatitis का सबसे कम समझा गया रूप है| किशोरावस्था या उसके बाद पुरुषों में पाया जाने वाला, इसके लक्षण चले जाते हैं और बिना किसी चेतावनी के दोबारा लौट आते हैं, सूजन या सूजन के बगैर हो सकते हैं| सूजन वाले रूप में, मूत्र, वीर्य और प्रोस्टेट के अन्य तरल पदार्थ किसी ज्ञात संक्रमण जीव के कोई सबूत नहीं दर्शाते, लेकिन संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर द्वारा उत्पन्न कोशिकाओं जैसी कोशिकाएं इनमें होती हैं| बगैर सूजन वाले रूप में, संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं समेत, सूजन का कोई सबूत नहीं होता|
स्पर्शोन्मुख सूजा हुआ Prostatitis (Asymptomatic Inflammatory Prostatitis) वह निदान है जहां कोई लक्षण नहीं होते लेकिन मरीज़ के वीर्य में संक्रमण-रोधी कोशिकाएं होती हैं| यह अक्सर तब पाया जाता है जब चिकित्सक बांझपन के कारण या प्रोस्टेट कैंसर के लिए परीक्षण कर रहा होता है|



2) BPH, या benign prostatic hyperplasia, प्रोस्टेट में हो सकने वाली दूसरी सबसे बड़ी परेशानी है| "Benign" का अर्थ है "कैंसर-मय नहीं होना" और "hyperplasia" का अर्थ है "बोहत ज्यादा बढ़ा हुआ| " जैसे पुरुषों की उम्र बढती है, प्रोस्टेट ग्रंथि धीरे धीरे बढ़ने लगती है| ग्रंथि उस भाग में बढ़ने लगती है जो उसके साथ नहीं बढ़ता है, जिससे मूत्रमार्ग पर दबाव बनता है, जो मूत्र समस्याओं का कारण बन सकता है| अक्सर पेशाब करने की इच्छा, कमज़ोर मूत्र प्रवाह, मूत्र धरा में रुकावट और लार निकलना, सभी बढे हुए प्रोस्टेट के लक्षण हैं| इसके सबसे खराब रूप में, BPH कमज़ोर मूत्राशय, मूत्राशय और गुर्दे के संक्रमण, मूत्र प्रवाह में पूर्ण रुकावट और गुर्दे की विफलता की ओर ले जा सकता है|



चूंकि एक बार मर्दानगी आने पर प्रोस्टेट में बढ़ने की प्रवृत्ति होती है, 50 वर्ष से ज्यादा इ उम्र के पुरुषों में BPH सबसे आम प्रोस्टेट समस्या है| American Urological Association का आकलन है के 60 वर्ष की उम्र तक आधे से ज्यादा अमेरिकियों को BPH होगा| 70 की उम्र तक, लगभग सभी पुरुषों में कुछ प्रोस्टेट बढ़त होती है| 85 वर्ष की उम्र तक, लगभग 90 प्रतिशत पुरुषों में BPH होता है लेकिन सिर्फ 30 प्रतिशत ही लक्षण दिखाते हैं!



3) अमेरिकी पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर सबसे आम कैंसर है| शुरूआती प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों के कोई चेतावनी संकेत नहीं होते| एक बार एक घातक ट्यूमर प्रोस्टेट ग्रंथि को उल्लेखनीय ढंग से सुजा देता है, या एक बार कैंसर प्रोस्टेट से आगे फैल जाता है, तब निम्नलिखित लक्षण मौजूद हो सकते हैं:



लगातार पेशाब करने की ज़रूरत, विशेष रूप से रात में
मूत्र धारा शुरू करने या रोकने में कठिनाई
एक कमज़ोर या बाधित मूत्र धरा
पेशाब या स्खलन के दौरान एक दर्द या जलन
मूत्र या वीर्य में रक्त



उन्नत प्रोस्टेट कैंसर में शामिल लक्षण:



श्रोणि, पीठ के निचले हिस्से, पसलियों या ऊपरी जाँघों में सुस्त, लगातार गहरा दर्द या जकडन
भूख न लग्न और वज़न घटना
थकान
मतली
उलटी



प्रोस्टेट कैंसर के 4 चरण हैं:



T1 - ट्यूमर सूक्ष्म है और प्रोस्टेट तक ही सिमित है लेकिन डिजीटल गुर्दा परीक्षण (Digital Rectal Exam DRE ) द्वारा पता लगाने में असमर्थ| आम तौर पर बायोप्सी या PSA परीक्षण द्वारा खोजा गया
T2 - ट्यूमर प्रोस्टेट तक ही सीमित है और DRE या अल्ट्रासाउंड के द्वारा पाया जा सकता है|
T3 / T4 - T3 चरण में, कैंसर प्रोस्टेट के निकट ऊतक में या वीर्य सम्बन्धी नलिका के आशय में फ़ैल गया है| T4 चरण में, ट्यूमर प्रोस्टेट के पास मूत्राशय जैसे अंगों में फैल गए है|
N+ / M+ - कैंसर पैल्विक लिम्फ नोड्स (N+) में फैल गया है या लिम्फ नोड्स, अंगों, या प्रोस्टेट से दूरस्थ हड्डियो में (M+).



त्वचा कैंसर के अलावा, अमेरिकी पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर सबसे आम है| फेफड़ों के क्न्काएर के बाद, यह अमेरकी पुरुषों में कैंसर से मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है और कैंसर सबंधित कुल मौतों का 9% है| अमेरिकन कैंसर सोसायटी का अनुमान है कि 2009 के दौरान, प्रोस्टेट कैंसर के 192,000 नए मामलों का संयुक्त राष्ट्र में निदान किया जायेगा| प्रोस्टेट कैंसर का 30% 65 वर्ष से नीचे की उम्र के पुरुषों में होता है| अपने जीवनकाल में 6 में से लगभग 1 पुरुष का कैंसर के लिए निदान किया जाएगा, मगर 35 में से सिर्फ 1 पुरुष की ही इससे मौत होगी| संयुक्त राज्य अमेरिका में किसी समय प्रोस्टेट कैंसर पाए जाने वाले ऐसे 2 अरब से ज्यादा लोग हैं जो आज भी जीवित हैं|



प्रोस्टेट विकार के लक्षण
विभिन्न प्रोस्टेट समस्याओं के कभी कभी एक जैसे लक्षण होते हैं| उधाहरण के लिए, एक आदमी जिसे prostatitis है और दूसरा जिसे BPH है, दोनों को बार-बार और तुरंत पेशाब करने की ज़रूरत पद सकती हैं| BPH वाले एक आदमी को मूत्रधरा की शुरुआत में दिक्कत हो सकती है, दुसरे को रात में बार बार पेशाब करना पड़ता हो|



प्रोस्टेट विकारों के सामान्य लक्षण हैं:



पेशाब करने के बाद मूत्राशय खाली न होने का बोध|
लगातार पेशाब (2 घंटों से कम के अंतराल में लगातार / या रात में कई बार )|
बाधित पेशाब (पेशाब करते वक्त आपको कई बार रोकना व शुरू करना पड़ता है)|
पेशाब को टालने में कठिनाई|
कमज़ोर या सीमित मूत्रधरा|
पेशाब शुरू करने के लिए धक्के या दबाव की ज़रूरत|
पेशाब के दौरान जलता दर्द|
पीठ के निचले हिस्से, अंडकोष और गुदा के बीच के हिस्से, पेट के निचले हिस्से, उपरी जांघ या जघन क्षेत्र के ऊपर दर्द| मलत्याग के दौरान दर्द बदतर हो सकता है|
शिश्न उन्नति (erection) और उसे बने रखने की क्षमता में कमी, कमज़ोर स्खलन और काम क्रिया से असंतुष्टि|
स्खलन के समय या बाद में कुछ दर्द|
आपके शिश्न के सिरे में दर्द|
बुखार और ठण्ड लगना|
भूख न लगना|



एक प्रोस्टेट समस्या दुसरे का नेतृत्व नहीं करती| उदहारण के लिए, prostatitis या बढे हुए प्रोस्टेट से प्रोस्टेट कैंसर की सम्भावना नहीं बढती| यह सच है के प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त पुरुषों को BPH होता है, लेकिन ये दोनों परिस्थितियाँ आपस में स्वतः सम्बंधित नहीं होती| BPH से ग्रस्त ज़्यादातर पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर नहीं होता| लेकिन दोनों के शुरूआती लक्षण एक जैसे होने के कारण चिकित्सक को इनका मूल्यांकन करने की ज़रूरत पड़ेगी| यह भी हो सकता है के एक ही समय में एक से ज्यादा स्थितियां हों| संभावित परिदृश्यों की ये भ्रामक सारणी सभी पुरुषों के लिए, खासकर 45 की उम्र से ऊपर के, हर साल PSA और DRE परीक्षण युक्त गहन चिकित्सा परीक्षण की ज़रूरत पैदा करते हैं|



निदान परीक्षण
PSA रक्त परीक्षण निर्धारित करता है के आपको प्रोस्टेट का कैंसर है के नहीं| यह परीक्षण जांचता है के मानव प्रजनन के लिए ज़रूरी प्रोटीन PSA (prostate-specific antigen)की कितनी मात्र आपके खून में है| PSA आपके पतले पूर्व वीर्य को एक तरल पदार्थ में बदल देता है और इस तरह स्खलन में मदद करता है| अगर आपका PSA 4 से कम है, ज़्यादातर डॉक्टर मानेंगे की आपको अगले एक साल तक परीक्षण की ज़रूरत नहीं है| वार्षिक परीक्षण के दौरान याद रखें, हर साल रीडिंग कुछ दहाई से बढ़ना सामान्य है| सामान्यतः, PSA में भारी वृद्धि (कम से कम 0.75 अंकों की बढ़त या 20 प्रतिशत) चिंता करने का एक कारण मन जाता है| 50 वर्ष से अधिक की उम्र वाले पुरुषों के लिए वार्षिक आधार पर इस परीक्षण की सिफारिश की जाती है| (और पारिवारिक इतिहास में प्रोस्टेट परेशानी होने पर 45 से ऊपर के पुरुषों के लिए)|



Digital rectal examination (DRE) एक त्वरित और सुरक्षित स्क्रीनिंग तकनीक है जिसमें चिकित्सक प्रोस्टेट का अकार और नाप जांचने के लिए दस्ताने में चिकनी ऊँगली मलाशय में डालता है| प्रोस्टेट नरम, चिकना और सामान महसूस होना चाहिए| चिकित्सक जांच में गाँठ, कड़े व अनियमित क्षेत्रों की उपस्थिति ढूँढता है जो प्रोस्टेट कैंसर की ओर इंगित कर सकते हैं| DRE के दौरान पूरे प्रोस्टेट को महसूस नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसके ज़्यादातर हिस्से को महसूस किया जा सकता है, इसमें वह क्षेत्र शामिल है जिसमें सबसे ज्यादा प्रोस्टेट कैंसर पाया जाता है|



पाश्चात्य दवा
पश्चिमी चिकित्सा प्रोस्टेट और प्रजनन सम्बन्धी विकारों से निपटने के लिए महंगी दवाओं और बेहद महंगी शल्य चिकित्सा पर निर्भर करती है| ये तरीके ज़्यादातर केवल प्रोस्टेट विकार के लक्षणों को दूर करते हैं न की अंतर्निहीत कारणों को| जैसे ही आप दवा का इस्तेमाल बंद करते हैं, समस्या लौट आती है| और इन दवाओं के परिणाम कई बार अनचाहे और खतरनाक दुष्प्रभावों वाले होते हैं|



हालांकि संक्रमण के कारण हुए prostatitis का उपचार एंटीबायोटिक से किया जा सकता है, जीर्ण श्रोणि कष्ट लक्षण (chronic pelvic pain syndrome) के उपचार के लिए कोई दवा नहीं है|



FDA-स्वीकृत दवाएं केवल BPH के लक्षण से निजात दिलाती हैं - इसका इलाज नहीं करती| 5 alpha-reductase inhibitors, Proscar (Finasteride) और Avodart (Dutasteride), अंगों की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए पुरुष हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन पर काम करने वाले एक एंजाइम को रोक कर काम करते हैं| जब एंजाइम को रोका जाता है, विकास धीमा हो जाता है और ग्रंथि सिकुड सकती है| यह उपचार के सकारात्मक प्रभाव इलाज के छः से 12 महीने के बाद देखने में आ सकते हैं| यह प्रोस्टेट की बढ़त के उन्नत मामलों में भी सबसे अच्छा काम करता है|



अल्फा एड्रीनर्जिक रिसेप्टर ब्लॉकर्स, जो निचले मूत्रपथ में एड्रीनर्जिक तंत्रिका रिसेप्टर्स को अवरुद्ध कर काम करते हैं, मूल रूप से दबाव खत्म करने और मूत्रप्रवः सुधारने के लिए प्रोस्टेट की और मूत्राशय की गार्डन की चिकनी मांसपेशियों को आराम देने में मदद करते हैं| इन दवाओं में, जो प्रोस्टेट का अकार कम नहीं करती हैं, Cardura (Doxazosin), Flomax (Tamsulosin), Hytrin (Terazosin), और Uroxatral (Alfuzosin) होता है| कई पुरुषों के लिए ये alpha-blockers कुछ ही दिनों में मूत्रप्रवाह सुधार सकते हैं और लक्षणों को दूर कर सकते हैं| लेकिन अंतर्निहीत कारणों के दूर नहीं होने के कारण दवाओं का इस्तेमाल रोकने पर लक्षण फिर से लौट आएंगे|



Alpha-Blockers and 5-Alpha Reductase Inhibitors के संयुक्त दुष्प्रभावों में शामिल हैं स्तन की कोमलता और इजाफा, कामोत्तेजना की कमी, शिश्न की उन्नति में दिक्कत, चक्कर आना, बेहोश होना, सर दर्द, दिल का दौरा, बढ़ी हुयी स्खलन शिथिलता, चक्कर, नाक बंद होना, स्खलन का वापस मूत्राशय में जाना, रक्तचाप का अचानक गिरना, थकान, और ऊपरी श्वास पथ का संक्रमण|



शल्यक्रिया के विकल्पों में शामिल हैं Transurethral Needle Ablation (TUNA), Transurethral Vaporization (TUVP), Laser Surgery, Transurethral Resection (TURP), Transurethral Incision (TUIP), और Open Prostatectomy. इन सभी प्रक्रियाओं में अक्सर मरीज़ को 3 से 4 दिन कैथिटर पहनने की ज़रूरत होती है जिसके साथ असंयम, नपुंसकता, संक्रमण और जटिलताओं का जोखिम होता है|



संयुक्त राज्य में BPH के उपचार के लिए अरबों पुरुषों द्वारा अपनाया जा रहा saw palmetto एक वैकल्पिक इलाज है जो बहुत लोकप्रिय हो रहा है| हालांकि हाल ही में पाया गया की अक्सर पेशाब की इच्छा और बढे हुए प्रोस्टेट के अन्य कष्टप्रद लक्षणों पर saw palmetto का कोई प्रभाव नहीं होता| New England Journal में फरवरी 9, 2006 में प्रकाशित किया की सालभर के अध्ययन से पता चला की इस पौधे के अर्क का BPH के लक्षणों के सुधार में निष्क्रिय गोलियों (placebos) से ज्यादा प्रभाव नहीं होता|



आयुर्वेदिक औषधि



आयुर्वेद, जीवन का विज्ञान, निवारण,और दीर्घायू, सबसे पुराना व सबसे समग्र उपलब्ध चिकित्सा प्रणाली है| इसके मूल सिध्हंतों को वेद नाम के हिंदू ग्रंथो में पाया जा सकता है - ज्ञान की प्राचीन भारतीय किताबें जिन्हें 5000 वर्ष पहले लिखा गया था| आयुर्वेद व्यक्ति के शरीर, मन, और आत्मा को प्रकृति के साथ सही संतुलन में रख कर एक व्यक्ति का स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करने के लिए प्रकृति के निहित सिद्धांतों का पालन करता है|



India Herbs के पास वजिकरण में अनुभवी चिकित्सकों का समूह है| वजिकरण - आयुर्वेद की आठ विशेषताओं में से एक| वजिकरण "एक प्रक्रिया और दवा है, जो एक आदमी को एक बैल के समान स्वस्थ बना देती है और कई घंटो की शारीरिक कठोरता से गुजरने लायक बना देती है"| वजिकरण शरीर और समग्र भलाई को ताकतवर बनाते हुए प्रजनन एवं मूत्रजनानंगी प्रणाली की शक्ति और क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अलग-अलग हर्बल और शक्तिवर्धक औषधि-मिश्रण के चिकित्सकीय इस्तेमाल का निर्धारण करता है|



India Herbs के वजिकरण वैज्ञानिक पुरुषों की स्वास्थ सम्बन्धी चिंताओं को सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके से दूर करने के लिए सदियों पुराने ज्ञान पर आधारित एक मालिकाना हर्बल फोर्मुले को आहार पर सलाह, व्यायाम, मानसिक प्रशिक्षण और विश्राम के साथ मिश्रित करते हैं|



सिफारिशें
आप इस तरह अपने दीर्घकालीन प्रोस्टेट स्वास्थ को अनुकूलतम बना सकते हैं:



1) क्षति को उलट कर- सालों का तनावपूर्ण जीवन ने आपके शरीर को नुक्सान पहुँचाया है| इसको उल्टा करने के लिए, Ayurstate ऐसे सैकड़ों phytonutrients छोड़ता है जो आणविक स्तर पे क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करता है, प्रोस्टेट ग्रंथि को नया बनाता है, पोल्यामिन और prostaglandines को रोकता है, आपके मूत्रजनानंग प्रणाली की चिकनी मांसपेशियों को स्वस्थ करता है, और प्रोस्टेट ग्रंथि तथा मूत्राशय की सूजन को कम करता है|



2) सोया का सेवन बढ़ाने से - शोधकर्ताओं का मानना है के उम्र बढ़ने के साथ एस्ट्रोजेन-टेस्टोस्टेरोन का अनुपात बढ़ना एक कारण है जो प्रोस्टेट ग्रंथि के आकार पर प्रतिकूल असर डालते हैं| आपके दैनिक आहार में 2 ऑउंस या इससे ज्यादा सोया एस्ट्रोजेन स्तर कम करने में मदद करेगा और 60 साल व इससे ऊपर के पुरुषों में बिगडे हुए एस्ट्रोजेन-तो-टेस्टोस्टेरोन माप को बहाल करने में मदद करेगा| सोया के अच्छे स्त्रोतों में शामिल हैं टोफू (सोयाबीन का दही), मिसो, तेम्पेह, भून हुआ सोया, और सोया का आता तथा पाऊडर|



3) सेलेनियम सेवन बढ़ाने से - सेलेनियम अच्छे प्रोस्टेट स्वास्थ के लिए ज़रूरी है| सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थों में शामिल हैं गेहूं के बीज, ट्यूना, मछली और अन्य समुद्री भोजन और घोंघा, गो मनस क जिगर उर गुर्दा, अंडे, सूरजमुखी और तिल के बीज, काजू, ब्राजील नट्स, मशरूम, लहसुन, प्याज, और समुद्री घांस|



4) जस्ता (जिंक) की खुराक बढ़ाने से- स्वस्थ प्रोस्टेट कार्य के लिए रोज 15 mg जस्ते ज़रूरत होती है| खोल में कद्दू के बीज, सीप, सेम और नट्स जसे के शानदार स्त्रोत हैं|



5) शराब की खपत कम करने से - शराब जस्ते और विटामिन B6 (जो की जस्ते को सोखने के लिए ज़रूरी है) दोनों को कम कर देती है|



6) स्वस्थ खाना - अपने शरीर में आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट पाने के लिए खूब फल और सब्जियां खाओ| वसा, शर्करा और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ से बचें| मांस और डेयरी उत्पादों जैसे उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थ टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ा सकते हैं जो प्रोस्टेट कोशिकों के बढने को उत्तेजित क्र सकता है|



7) आहार का सप्लीमेंट. - रोजना एक मल्टीविटामिन पूरक लें जो प्रोस्टेट स्वास्थ का समर्थन करने वाले कम से कम निम्नलिखित हों - Vitamin A (25,000 IU), Vitamin E (1,200 IU), और Lycopene (10 mg). 



8) परिसंचरण में सुधार- प्रोस्टेट उर मूत्र-जननान्गीय ऊतकों में रक्त प्रवाह सुधारने के लिए केगेल व्ययायम करें| केगेल व्ययायम अंडकोष की थैली और गुदा के आस पास की मांसपेशियों को खींचने और छोड़ने से होता है| दिन में 5-6 बार इस तरह के 10 दोहराव से प्रोस्टेट ग्रंथि में रक्त प्रवाह अधिकतम होगा|



9) स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से - नियमित रूप से पर्याप्त आराम लें और व्यायाम करें| नियमित व्यायाम ने प्रतिरक्षा प्रणाली का मज़बूत होना और पाचन क्रिया, परिसंचरण, और शरीर से अपशिष्ट पदार्थ को हटाने में सुधार दर्शाया है| व्यायाम मोटापे से बचाता है, जो की कैंसर के समेत कई बिमारियों का जोखिमभरा कारक है| नियमित व्यायाम भी प्रोस्टेट ग्रंथि की वृद्धि के जोखिम को कम करता है|



परिणाम: Ayurstate में सामग्री के ठीक संयोजन तथा मन व शरीर के ध्यान करने पर सटीकता से आपकी यवन तथा मूत्र-जननान्गीय चिंताओं को दूर करता है!